Aaj Ka Panchang: आज जया एकादशी पर जानें 8 फरवरी के पंचांग के नक्षत्र, शुभ योग, राहु काल

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Aaj Ka Panchang 8 February 2025: आज 8 फरवरी, 2025 को माघ माह का 26वां दिन है और आज इस माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। आज दिनमान यानी दिन की लंबाई 11 घंटे 01 मिनट 11 सेकंड की है, जबकि रात्रिमान 12 घंटे 58 मिनट 05 सेकंड की होगी। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, यह शिशिर ऋतु है और सूर्य वर्तमान में उत्तरायण होकर गोचर कर रहे हैं।

आइए जानते हैं, 8 फरवरी के पंचांग के पांचों अंग यानी तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण की क्या स्थितियां हैं और आज का कौन-सा समय आपके लिए शुभ सिद्ध होने के योग दर्शा रहा है और आज का भद्रा काल और राहु काल क्या है?

आज का पंचांग

तिथि: आज 8 फरवरी, 2025 को 08:15 PM तक एकादशी तिथि है। इसके बाद द्वादशी तिथि शुरु हो जाएगी। एकादशी एक नंदा तिथि है, जिसे आनंदप्रद माना गया है, इसलिए इस तिथि को अधिकांश कार्यों के लिए शुभ माना जाता है और यह शुभ मुहूर्तों में सम्मिलित है। साथ ही इस तिथि का संयोग रवि योग से होने के कारण यह तिथि बेहद खास बन गई है।

नक्षत्र: आज 8 फरवरी को शाम के 06:07 PM तक तक मृगशिरा नक्षत्र का योग व्याप्त रहेगा। इसके बाद आर्द्रा नक्षत्र शुरू होगा। मृगशिरा और आर्द्रा दोनों नक्षत्र सभी प्रकार के शुभ कार्यों के लिए उत्तम माने गए हैं।

दिन/वार: आज शनिवार का दिन है, जो कर्मफल दाता शनिदेव को समर्पित होता है। साथ ही, यह दिन बजरंग बली हनुमान की आराधना के लिए भी विशेष रूप से शुभ माना जाता है।

योग: आज शाम के 02:04 PM बजे तक वैधृति योग व्याप्त रहेगा। इसके बाद विष्कंभ योग आरंभ हो जाएगा। वैधृति और विष्कंभ दोनों ही योग अशुभ होने से शुभ कार्यों के लिए वर्जित है।\

करण: आज दिन एक 08:48 AM बजे तक वणिज करण का प्रभाव रहेगा, इसके बाद विष्टि करण की शुरुआत होगी, जो 08:15 PM बजे तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद बव करण आरंभ हो जाएगा।

सूर्य-चंद्र गोचर

आज के पंचाग के उपर्युक्त इन 5 अंगों के साथ ही आज सूर्य और चंद्र गोचर की स्थिति इस प्रकार रहने योग हैं:

सूर्य गोचर: सूर्य मकर राशि में गोचर कर रहे हैं, जो शनि ग्रह के स्वामित्व वाली राशि है।

चन्द्र गोचर: आज चंद्रमा मिथुन राशि में गोचर कर रहे हैं, जिसके राशि स्वामी बुध ग्रह हैं।

शुभ-अशुभ काल

आज शुभ मुहूर्तों की स्थितियां इस प्रकार रहने योग हैं:

ब्रह्म मुहूर्त: 05:21 AM से 06:13 AM

प्रातः सन्ध्या: 05:47 AM से 07:05 AM

अभिजित मुहूर्त: 12:13 PM से 12:57 PM

विजय मुहूर्त: 02:26 PM से 03:10 PM

गोधूलि मुहूर्त: 06:04 PM से 06:30 PM

सायाह्न सन्ध्या: 06:06 PM से 07:24 PM

अमृत काल: 09:31 AM से 11:05 AM

निशिता मुहूर्त: 12:09 AM, फरवरी 09 से 01:01 AM, फरवरी 09

रवि योग: 07:05 AM से 06:07 PM

आज अशुभ मुहूर्तों की स्थितियां इस प्रकार रहने योग हैं:

राहुकाल: आज राहु काल दोपहर बाद 09:50 AM से 11:13 AM तक रहने का योग है। हिन्दू धर्म में इस अवधि में कोई भी शुभ कार्य आरंभ करने की मनाही है।

यमगण्ड: 01:58 PM से 03:21 PM

गुलिक काल: 07:05 AM से 08:28 AM

विष घटी/वर्ज्य काल: 02:26 AM, फरवरी 09 से 04:01 AM, फरवरी 09

दुर्मुहूर्त काल: 07:05 AM से 07:49 AM

भद्रा: 08:48 AM से 08:15 PM

8 फरवरी 2025 के पर्व और त्योहार

आज माघ माह की एकादशी तिथि है, आज भगवान विष्णु को समर्पित जया एकादशी का व्रत रखा जाता है, जिसे करने और उपवास रखने से साधक को मोक्ष की प्राप्ति होती है। साथ ही, व्यक्ति नीच योनि जैसे कि भूत, प्रेत, पिशाच की योनि से मुक्त हो जाता है।

शनिवार का व्रत: शनिवार को कर्मफल के स्वामी और न्यायाधीश शनिदेव की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन शनि ग्रह की शांति के लिए पाठ और विभिन्न उपाय किए जाते हैं। साथ ही, यह दिन हनुमान जी की आराधना के लिए भी शुभ और फलदायी माना जाता है।

आज की यात्रा टिप्स: आज पूर्व दिशा में दिशाशूल होने के कारण, आपातकाल को छोड़कर आज इस दिशा में यात्रा करना शुभ नहीं है।

पंचांग का महत्व

पंचांग केवल तिथियों का कैलेंडर या समय-सारिणी नहीं है, बल्कि यह सफलता और समृद्धि की ओर मार्गदर्शन करने वाला एक प्रभावी उपकरण है। जो लोग इसे मात्र एक धार्मिक परंपरा मानते हैं, वे इसकी वास्तविक शक्ति से अनभिज्ञ रहते हैं। पंचांग न केवल निर्णय लेने की क्षमता को सशक्त बनाता है, बल्कि जीवन में सफलता के द्वार भी खोलता है। जब हम ब्रह्मांड की लय के अनुरूप कार्य करते हैं, तो बाधाएं स्वतः ही कम हो जाती हैं और उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।

हिंदू पंचांग पांच प्रमुख अंगों—वार, तिथि, नक्षत्र, योग और करण—का संतुलित संगम है। ये तत्व किसी भी कार्य के लिए अनुकूल या प्रतिकूल समय को दर्शाते हैं। विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण, मुंडन, व्यापार प्रारंभ और अन्य शुभ कार्यों की सफलता के लिए पंचांग में बताए गए शुभ मुहूर्त का पालन किया जाता है।

इसलिए पंचांग को केवल तिथियों और त्योहारों का कैलेंडर मानना इसकी गहराई और महत्व को कम आंकने जैसा होगा। यह जीवन के प्रत्येक शुभ कार्य की नींव रखता है और सही समय पर सही निर्णय लेने में सहायक सिद्ध होता है।

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